पद्मासन, पद्मासन करने की विधि और लाभ I How To Do The Padmasana And What Are Its Benefits
MANISH A
December 15, 2023
0 Comments
![]() |
Padmasana |
पद्मासन करने से पहले सावधानियां - उत्तर की ओर मुंह करके ना बैठे। समतल भूमि पर आसन लगाएं। मोटे थुलथूले व्यक्ति को पहले शरीर को सुडौल बनाने और मोटापा दूर करने वाले आसनों का अभ्यास करना चाहिए। यह आसन थोड़ा कठिन है। किसी काम में जल्दी बाजी ना करें । प्रत्येक पैर को मोड़ने का व्यास धीरे-धीरे करें।
रात में दोनों पैरों के गड्ढे पर सरसों के तेल की मालिश करें। पहले 5 सेकंड से प्रारंभ करके सामान्य साधक को इस आसन को 15 मिनट तक करना चाहिए।
पद्मासन करने की प्रयोग विधि - 'पद्म' का अर्थ कमल है। अनेक योगियों का कथन है कि इस आसन के पूरा होने पर शरीर की मुद्रा एक कमल जैसी होती है, इसीलिए इसे पद्मासन कहते हैं। यह भी अर्थ ठीक है, लेकिन वस्तुतः इसे पद्मासन इसीलिए कहते हैं इसमें बैठकर मनुष्य अपने चेतनारूपी कमल को विकसित करते हैं।
पद्मासन करने की विधि - भूमि पर कंबल या दरी को चारों परतों मैं मोड़ कर बिछा ले। उस पर दोनों टांगों को सामने की ओर फैलाकर बैठ जाइए। अब दाई टांग को पिंडली और पैरों से पकड़कर धीरे-धीरे घुटने पर से मोड़े। 90 डिग्री का कोण के बाद टांग को मोड़ने में कठिनाई होती है।
आप दाहिने पैर को गठ्ठे और पंजे को चित्र अनुसार पकड़े और दाहिना टांग को थोड़ा ऊपर उठाते अंदर की ओर खींचिए। इसके अभ्यास में भी समय लगता है। दाहिने पैर की एड़ी बॉई जॉघ की जड़ से लगाकर कस लें।
अब बॉई टॉग को घुटने से मोड़कर गठ्ठे को बाएं हाथ से तथा पंजे को दाहिने हाथ से पकड़ कर थोड़ा ऊपर उठाइए। बाएं पैर की एड़ी को दॉई जॉघ की जड़ से सटा दीजिए। फिर ज्ञान मुद्रा में उंगलियों को करके घुटनों पर रखिए।
पद्मासन में ध्यान - पद्मासन की अवस्था मानसिक एकाग्रता के लिए सर्वोत्तम समझी जाती है। इसमें 'ध्यान' लगाकर दार्शनिक, व्यावसायिक, राजनीतिक, पारिवारिक किसी भी जटिल समस्या का हल ढूंढा जा सकता है। सर्च केवल यह है कि आपको इस आसन में ध्यान को एकाग्र करने का पूर्ण अभ्यास हो।
त्राटक के अभ्यास में इसी आसन का प्रयोग किया जाता है त्राटक साधना की कई सोपान है। केवल किसी बिंदु पर ध्यान को एकाग्र करके ही अप्रत्याशित मानसिक शक्ति प्राप्त होती है। इसके पश्चात आंखें बंद करके अंधेरे में ज्योति-बिंदु को खोजने का अभ्यास किया जाता है। इसके सात सोपान हैं। इसके बाद इस ध्यानाभ्यास का प्रयोग कुंडलिनी को जागृत करने में किया जाता है।
पद्मासन करने के लाभ- यदि आप केवल पद्मासन लगाकर व्यायाम करते हैं और ध्यान नहीं लगाते तो, आपको वात रोग, पेट रोग, गठिया, कब्ज आदि रोगों में आशातीत लाभ होगा।
यदि इस आसन में ध्यान लगाते हैं, तो इसके असीमित लाभ हैं। ध्यान के एक उच्च स्तर पर आप में अलौकिक शक्तियों का समावेश हो सकता है। शरीर की सुघड़ता, कांति, दीर्घ यौवन सहज में ही प्राप्त होते हैं।