Friday, 22 December 2023

ज्ञानमुद्रा आसन करने की विधि और इसके लाभ। Gyan Mudra asana method and its benefits

December 22, 2023 0 Comments

 

Gyan mudra aasan
Gyan mudra aasan
परिचय - ज्ञानमुद्रा आसन बहुत ही महत्वपूर्ण आसन है। इस आसन में ही हमारे सभी ऋषिमुनी बैठ कर ज्ञान, ध्यान, और चिंतन करते थे। इस आसन में सबसे खास बात यह है कि, इसमें अपने हाथों की अंगुलियों को अंगूठे और तर्जनी को एक साथ मिलकर रखा जाता है। 

हम जानते है कि हमारे अंगूठे में अग्नि तत्व और तर्जनी में वायु तत्व होते है जिसको मिलाने से हमारी शरीर की कोशिकाएं और ज्ञान तंतु जो सुप्त अवस्था में है, उसको सक्रिय करने में सहायता करती है।


ज्ञान मुद्रा आसन करने से पहले सावधानियां - योगासनों के करने से पहले कुछ महत्वपूर्ण बातों का ध्यान रखना अत्यंत आवश्यक है, जिससे योगासनों का अधिक से अधिक लाभ मिल सके और अज्ञानता के कारण होने वाली भूलो के कारण किसी भी दुष्परिणाम से बचा जा सके। 

चाय या दूध पीने के तुरंत बाद कोई भी आसन या व्यायाम ना करें। योगासन करते समय शरीर के साथ जोर जबरदस्ती बिल्कुल ना करें। क्रोध या अत्यंत शोक में आसन ना करें। ऐसे समय में आसन करने से लाभ के बजाय हानि होती है । आसन करते समय बुरे विचार एवं मानसिक तनाव से बचना आवश्यक है।


ज्ञानमुद्रा आसन करने की विधि -  सबसे पहले आप अपने तर्जनी उंगली को मोड़कर अंगूठे की जड़ में, बीच में या सिरे पर लगाइए । शेष या बाकी तीनों अंगुलियों को मिलाकर फैलाए सुखासन, पद्मासन या सिद्धासन की मुद्रा में बैठकर दोनों हाथों को घुटनों पर रखें। इस प्रकार से आप ज्ञान मुद्रा आसन को बना सकते है।


ज्ञानमुद्रा आसन में ध्यान - यह चिंतन करने का आसान है । किसी विषय या उलझन से भरे विषय पर सोचना हो, तो यह मुद्रा उसमें अप्रत्याशित सहायता करती है।  अनेक भारतीय ऋषि दार्शनिकों ने दार्शनिक तथ्यों का चिंतन इसी मुद्रा में किया है।


ज्ञानमुद्रा आसन करने से लाभ - ज्ञान मुद्रा बहुत ही उपयोगी आसन है इस आसन को करने से हमें मानसिक शांति की प्राप्ति होती है। इस आसन को करने से हमें एकाग्रता का विकास होता है। इस आसन को करने से विचारों की तारतम्यता (भाव) का विकास होता है।


इस आसन को करने से धीरे-धीरे कोष्टबद्धता दूर हो जाती है।
योग का पूर्ण रूप से लाभ लेने के लिए मांसाहार एवं किसी भी प्रकार के नशीले पदार्थ का त्याग कर देना ही अच्छा होता है क्योंकि ज्यादा लाभ लेने के लिए यह सारी चीजें का त्याग ही  बहुत बड़ा विकल्प है। क्योंकि आरोग्यता एवं प्राकृतिक दृष्टि से शाकाहार ही सर्वश्रेष्ठ है।