आंखों की समस्याओं से परेशान है तो इस मुद्रा को जरूर करें।]
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| Prana Mudra |
आजकल आंखों की समस्या होना आम बात हो गई है। आजकल डिजिटल समय में लोग हमेशा मोबाइल, कंप्यूटर पर दिन-रात अपने जरूरी कामों में लगे रहते हैं, जिसके कारण आंखों में समस्या होना आम बात हो गई है। इस पोस्ट में आपको 'प्राण मुद्रा' के अद्भुत गुण के बारे में बताएंगे जिसको करने से आपको अद्भुत लाभकारी फायदे होंगे।
प्राण मुद्रा करने की विधि
प्राण मुद्रा में कनिष्ठा (छोटी अंगुली), अनामिका (तीसरी अंगुली) एवं अंगूठे का अग्रभाग को एक साथ मिलाना पड़ता है और बाकी दोनों अंगुलियों को सीधा रखिए और इस प्रकार आपके हाथो में प्राण मुद्रा का आकार बन जाएगा। 30 सेकंड तक इसी आकार में अपने हांथो की अंगुलियों को रखे। प्राण मुद्रा 15 से 20 बार करे जिससे आपको काफी लाभ मिलेगा। ऊपर दिए हुए चित्र अनुसार आप अभ्यास कर सकते है।
प्राण मुद्रा के अद्भुत लाभ
इस मुद्रा के नाम से ही समझ सकते है कि ये मुद्रा प्राण दायी है। प्राण के बिना कोई भी जीवित नहीं रह सकता। इस मुद्रा को करने से प्राणों की सोई हुई शक्ति वापस लौट आती है । शरीर और मन में अलग से एक सक्रात्मक ऊर्जा बढ़ने लगती है। अगर आप आंखो के किसी भी समस्या से परेशान है तो इस मुद्रा को करने से आपको 1 महीना के अंदर आपको फर्क साफ महसूस होने लगेगा। इस मुद्रा को करने से आंखो में अद्भुत रोशनी बढ़ने लगती है और आप किसी भी नंबर का चस्मा क्यों ना पहनते हो, इस मुद्रा से एक महीने के अंदर चस्मा हटाने में मदद करता है। लगातार एक महीने तक इस मुद्रा का अभ्यास करने से आपकी आंखों की रोशनी बढ़ जाती है। लंबे समय तक प्राण मुद्रा का अभ्यास करने से उपवास में भी भूख नहीं लगती। अनिद्रा रोग में ज्ञान मुद्रा के साथ यह व्यायाम करने पर सुफल लाभ प्राप्त होता है।

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