Sunday, 17 December 2023

पीरियड्स में अपनी देखभाल कैसे करें | Taking Care of Yourself During Period

December 17, 2023 0 Comments

 पीरियड्स हर महिला के जीवन का अहम हिस्सा हैं। इसके बीना औरते परिपूर्ण नहीं रहती। पीरियड्स का सामना हर महीने औरतो को करना पड़ता है। ये कम से कम 3 दिन या ज्यादा - से - ज्यादा 8 दिन तक रहता है। महिलाएं पीरियड्स में काफी चिरचिरा हो जाती हैं। क्योंकि औरतों को पेट के निचले हिस्से, कमर, पैर में दर्द रहता है | किसी को बहुत ज्यादा दर्द होता है तो किसी को थोड़ा कम। कभी - कभी तो कुछ महिलाएं दवा का भी सेवन करने लगती हैं। आपको बता दें कि ज्यादा दवा पीरियड्स में लेने से सेहत को नुक्सान भी पहुंचता है।


सावधानियां ‌:- पीरियड्स में औरतों को अपनी ज्यादा ध्यान रखना चाहिए। वजनदार सामान नहीं उठाना चाहिए। ज्यादा दौराना नहीं चाहिए। ये सब करने से खुन का बहाव ज्यादा मात्रा में होने लगते है। जो कि आपके सेहत के लिए नुकसानदायक हो सकता हैं।

पीरियड्स में होने वाले दर्द का घरेलू उपचार 


घरेलू उपचार पीरियड्स में होने वाले दर्द में आराम देता है वो इस प्रकार हैं   

(1) गर्म पानी को बोतल या बैग में भरें और अपने पेट पर रखे।

(2) उबलते हुए पानी में थोड़ा अदरक, अजवाइन और कुछ तुलसी के पत्ते को मिलाकर अच्छे से उबाल लें और फिर उसे छननी से छान लें और उसमें थोड़ा शहद, थोड़ा सा नींबू का रस मिलाकर हल्का गर्म - गर्म पीए।

(3) पीरियड्स में शरीर से आयरन और विटामिन ज्यादा खर्च होते हैं इसलिए खान - पान का ज्यादा ध्यान रखना चाहिए। नहीं तो अगले पीरियड्स में काफी मुश्किलों का सामना करना पड़ सकता है। तो इस दौरान हरी सब्जियां, फल, दूध आदि का सेवन करें।

(4) मासिक धर्म मे अगर ज्यादा तकलीफ होती है, तो पीरियड्स आने के पहले से ही थोड़ी व्यायाम, योग शुरू कर देना चाहिए ताकि पीरियड्स आने पर दर्द कम हो।

(5) एक गिलास गर्म दूध में एक चम्मच हल्दी पाउडर मिलाकर पीएं। हल्दी शरीर को गर्म बनाती है जिससे पीरियड्स में होने वाले दर्द और परेशानी कम हो जाते हैं

तो इस तरह की देखभाल से आप अपने पीरियड्स में होने वाले दर्द को कम कर सकते हैं।

एक दिन में आदमी को पानी पीना कितना जरूरी है । How much is it necessary for a person to drink water in a day.

December 17, 2023 0 Comments

पानी के बिना जीवन संभव नहीं है। इसलिए तो कहा गया है जल ही जीवन है। जीवन मनुष्य का हो या जीव जंतु का हो या पेड़ पौधे का सभी के लिए पानी जरूरी होता है। हम सभी जानते हैं कि जन्म के समय मनुष्य का शरीर 75% पानी से बना होता है। लेकिन जैसे-जैसे हमारा शरीर बढ़ता है तो पानी का मात्रा कम होता जाता है। 


युवा होने पर एक महिला के शरीर में 55% पानी की मात्रा होती है, तो एक नौजवान पुरुष के शरीर में 60% प्रतिसत। हमारे शरीर में सभी अंगों को सही तरीके से रख-रखाव के लिए पानी की जरूरत पड़ती है। कोई भी व्यक्ति बिना खाना के कुछ दिन तक रह सकता है पर पानी के बिना नहीं रह सकता। 

पानी के कुछ नियम होते है जिन्हें पालन करने से हमारे शरीर को कोई बीमारी होने का खतरा नहीं रहता है।

पानी का मात्रा -  बताये गए सलाह के अनुसार दिन भर में 2.5 से 3.5 लीटर तक पानी पीना चाहिए। यदि कोई व्यक्ति कुछ वर्क आउट करता है तो उसे थोड़ी पानी की मात्रा बढ़ा देनी चाहिए। मल, पेशाब, अौर पसीने के कारण हमारे शरीर से प्रतीदिन 2 से 3 लिटर पानी बाहर निकल जाता है। एक-दूसरे से बात-चीत करने पर भी हमारे शरीर का पानी वाष्प बनकर बाहर निकलता है।

ज्यादा पानी पीना सेहत के लिए अच्छा होता है तो वहीं जरुरत से ज्यादा पानी पीने से हमारे किडनियों के लिए हानिकारक भी हो सकती है। आपके शरीर में पानी की मात्रा सही है कि नहीं यह हमें पेशाब से पता चलता है। यदि आपके पेशाब का रंग साफ है तो आपका शरीर हाइड्रेटेड यानि बिलकुल सही है और अगर पेशाब का रंग पीला है तो आपका शरीर डेहाइड्रेटेड है यानि बिल्कुल स्वस्थ है।

पानी कब नहीं पीना चाहिए -
(1) ज्यादातर लोग खाने के साथ- साथ पानी भी पीते हैं जो कि यह बिल्कुल भी नही करना चाहिए। ऐसा करने से खाना पतला हो जाता है और अच्छी तरह से पाचन नहीं हो पाता

(2) पेशाब करने के तुरंत बाद पानी न पिएं। क्योंकि जब हम पेशाब करते है तो हमारे शरीर के अंदरूनी अंग तेजी से सिकुड़ने लगते है और ऐसी स्थिति में तुरंत पानी पीने से नसें और अंदरूनी अंग कमजोर हो जाते हैं।

(3) गर्म चाय या कॉफी पीने के तुरंत बाद पानी न पिएं। ऐसा करने से हमारे टांसिल और गले को नुक्सान पहुंचता है।

(4) रसीले, खट्टे फल खाने के तुरंत बाद पानी न पिएं। और ऐसा करते है तो आपको ठंड लग सकता है या पेट खराब हो सकती है।

पानी पीने का समय -  सुबह मल या पेशाब करने के पहले एक गिलास पानी जरूर पिएं क्योंकि सुबह के समय बनने वाली लार में हमारे शरीर के लिए आवश्यक सभी तरह के एंजाइम्स होते हैं जो कि खाली पेट पानी पीने से यह हमारे शरीर में चले जाते हैं और हमारे सेहत के लिए काफी अच्छा होता है। खाना खाने के 40 मिनट पहले, और खाना खाने के 40 मिनट बाद ही पानी पिएं। अगर खाने के तुरंत बाद प्यास लगती है, तो जुस पी लेना चाहिए।

पानी कैसे पियें- पानी हमेशा धिरे-धिरे और बैठकर पीना चाहिए। धिरे-धिरे पानी पीने से मुंह का लार हमारे शरीर में जाता है और पानी को पचाता है। हमारा शरीर एक बार में 200 से 250ml तक ही पानी पचाता है। जल्दी-जल्दी पानी पीने से हम ज्यादा पानी पी लेते हैं और वह हमारे शरीर में नहीं लगता और यह पेशाब के जरिए बाहर निकल जाता है।

खरे होकर पानी नहीं पीना चाहिए। ऐसा करने से हमारे शरीर के अंदर पानी के साथ-साथ हवा भी चला जता है जिससे शरीर के अंदर खिंचाव और दबाव होता है इसलिए हमेशा बैठकर और धिरे-धिरे और किसी पात्र में मुंह लगाकर पानी पिएं। इससे हमारा PH लेवल कंट्रोल में रहता है। मुंह की लार पेट में जाती है और पाचन अच्छा रहता है। पेट की एसीड को शांत रखता है और पेट में चर्बी नहीं होने देता है।