पानी के बिना जीवन संभव नहीं है। इसलिए तो कहा गया है जल ही जीवन है। जीवन मनुष्य का हो या जीव जंतु का हो या पेड़ पौधे का सभी के लिए पानी जरूरी होता है। हम सभी जानते हैं कि जन्म के समय मनुष्य का शरीर 75% पानी से बना होता है। लेकिन जैसे-जैसे हमारा शरीर बढ़ता है तो पानी का मात्रा कम होता जाता है।
युवा होने पर एक महिला के शरीर में 55% पानी की मात्रा होती है, तो एक नौजवान पुरुष के शरीर में 60% प्रतिसत। हमारे शरीर में सभी अंगों को सही तरीके से रख-रखाव के लिए पानी की जरूरत पड़ती है। कोई भी व्यक्ति बिना खाना के कुछ दिन तक रह सकता है पर पानी के बिना नहीं रह सकता।
पानी के कुछ नियम होते है जिन्हें पालन करने से हमारे शरीर को कोई बीमारी होने का खतरा नहीं रहता है।
पानी का मात्रा - बताये गए सलाह के अनुसार दिन भर में 2.5 से 3.5 लीटर तक पानी पीना चाहिए। यदि कोई व्यक्ति कुछ वर्क आउट करता है तो उसे थोड़ी पानी की मात्रा बढ़ा देनी चाहिए। मल, पेशाब, अौर पसीने के कारण हमारे शरीर से प्रतीदिन 2 से 3 लिटर पानी बाहर निकल जाता है। एक-दूसरे से बात-चीत करने पर भी हमारे शरीर का पानी वाष्प बनकर बाहर निकलता है।
ज्यादा पानी पीना सेहत के लिए अच्छा होता है तो वहीं जरुरत से ज्यादा पानी पीने से हमारे किडनियों के लिए हानिकारक भी हो सकती है। आपके शरीर में पानी की मात्रा सही है कि नहीं यह हमें पेशाब से पता चलता है। यदि आपके पेशाब का रंग साफ है तो आपका शरीर हाइड्रेटेड यानि बिलकुल सही है और अगर पेशाब का रंग पीला है तो आपका शरीर डेहाइड्रेटेड है यानि बिल्कुल स्वस्थ है।
पानी कब नहीं पीना चाहिए -
(1) ज्यादातर लोग खाने के साथ- साथ पानी भी पीते हैं जो कि यह बिल्कुल भी नही करना चाहिए। ऐसा करने से खाना पतला हो जाता है और अच्छी तरह से पाचन नहीं हो पाता
(2) पेशाब करने के तुरंत बाद पानी न पिएं। क्योंकि जब हम पेशाब करते है तो हमारे शरीर के अंदरूनी अंग तेजी से सिकुड़ने लगते है और ऐसी स्थिति में तुरंत पानी पीने से नसें और अंदरूनी अंग कमजोर हो जाते हैं।
(3) गर्म चाय या कॉफी पीने के तुरंत बाद पानी न पिएं। ऐसा करने से हमारे टांसिल और गले को नुक्सान पहुंचता है।
(4) रसीले, खट्टे फल खाने के तुरंत बाद पानी न पिएं। और ऐसा करते है तो आपको ठंड लग सकता है या पेट खराब हो सकती है।
पानी पीने का समय - सुबह मल या पेशाब करने के पहले एक गिलास पानी जरूर पिएं क्योंकि सुबह के समय बनने वाली लार में हमारे शरीर के लिए आवश्यक सभी तरह के एंजाइम्स होते हैं जो कि खाली पेट पानी पीने से यह हमारे शरीर में चले जाते हैं और हमारे सेहत के लिए काफी अच्छा होता है। खाना खाने के 40 मिनट पहले, और खाना खाने के 40 मिनट बाद ही पानी पिएं। अगर खाने के तुरंत बाद प्यास लगती है, तो जुस पी लेना चाहिए।
पानी कैसे पियें- पानी हमेशा धिरे-धिरे और बैठकर पीना चाहिए। धिरे-धिरे पानी पीने से मुंह का लार हमारे शरीर में जाता है और पानी को पचाता है। हमारा शरीर एक बार में 200 से 250ml तक ही पानी पचाता है। जल्दी-जल्दी पानी पीने से हम ज्यादा पानी पी लेते हैं और वह हमारे शरीर में नहीं लगता और यह पेशाब के जरिए बाहर निकल जाता है।
खरे होकर पानी नहीं पीना चाहिए। ऐसा करने से हमारे शरीर के अंदर पानी के साथ-साथ हवा भी चला जता है जिससे शरीर के अंदर खिंचाव और दबाव होता है इसलिए हमेशा बैठकर और धिरे-धिरे और किसी पात्र में मुंह लगाकर पानी पिएं। इससे हमारा PH लेवल कंट्रोल में रहता है। मुंह की लार पेट में जाती है और पाचन अच्छा रहता है। पेट की एसीड को शांत रखता है और पेट में चर्बी नहीं होने देता है।
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