Saturday, 23 December 2023

सुखासन करने की विधि और इसके लाभ । The method of Sukhasana and its benefits.



सुखासन - सुखासन का अर्थ है, वही आसन, जिसमें बैठने से आपको सुख मिले। यह स्पष्ट है कि यह आसन आराम से बैठने का आसन है और बहुत सरल है।


सुखासन करने से पहले सावधानी - इस आसन को करने के लिए आप उत्तर दिशा की ओर मुंह करके ना बैठे हैं और उस दिशा मैं बैठकर इस आसन को कभी ना करें। इस आसन को करने से पहले आप अपने शरीर के मांसपेशियों को ढीला रखें। इस आसन को करते समय अपने कमर पीठ रीड गर्दन को सीधा रखें ताकि सुखासन करने में कोई दिक्कत ना हो और इस आसन को आप आसानी से कर सकें। सुखासन में ध्यान लगाते समय मस्तिष्क से सभी चिंता को निकाल दे और अपने मस्तिष्क को स्वतंत्र छोड़ दें ताकि विचारों की धारा का समन हो सके।


सुखासन करने की विधि - सुखासन एक सरल आसान है इस मुद्रा में हम दैनिक जीवन में अक्सर बैठते हैं किंतु हम उसे सुखासन नहीं कह सकते हैं। कारण यह है कि हम मुद्रा तो वह बना लेते हैं किंतु इसके नियमों का सूक्ष्मता गून का पालन नहीं करते है।


सुखासन के लिए एक दरी या कंबल भूमि पर बिचाएँ। अब आप घुटनों को मोर कर पल्थी मारकर बैठ जाएं। अब आप हाथों को आगे स्वाभाविक रूप से ढीला छोड़ दें। हाथ घुटनों पर भी रखा जा सकता है, पर ढीला रखें। अब आप यहां पर कमर, पीठ, रीढ़, और गर्दन को पूरी तरह सीधे रखें। आप अपनी मांसपेशियों के ऊपर कोई दबाव ना दे जैसे आपको आराम मिलता हो आप इस आसन में उसी तरह बैठे हैं।


सुखासन में ध्यान -  सुखासन में सभी ध्यान क्रियाएं की जा सकती है, जो पद्मासन में की जाती है। त्राटक (हठयोग में किसी बिंदु पर ध्यान जमाना) के अभ्यास के लिए प्रारंभ में इसी आसन का प्रयोग उचित है। बाद में आप त्राटक (हठयोग में किसी बिंदु पर ध्यान जमाना) का अभ्यास पद्मासन में बैठकर कर सकते हैं।


सुखासन करने से लाभ - बैठ कर करने वाले किसी कार्य के लिए यही आसन उपयुक्त है इस आसन को करने से आपको जल्दी थकावट नहीं होता है। इस आसन को करने से आपका मेरुदंड (रीड का हड्डी) सीधा होता है और आपके शरीर को एक सुंदर आकार देता है। सुखासन में कमर मेरुदंड (रीड का हड्डी) आदि में लचीलापन आता है जिसके कारण आप किसी भी कार्य को करने में आपको थकावट का अनुभव कम होता है।

 

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