योगमुद्रासनकरने की विधि और लाभ l Yogamudra Asana - Steps, Posture & Benefits of Yogamudra Asana
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Yogmudra asana |
योगमुद्रा आसन - योग में योग मुद्रा का बड़ा महत्व है. यह अनेक रोगों को दूर करता है. साथ-साथ शरीर को लचीला और सुडौल बनाता है. इस आसन को करने से विभिन्न आसन लगाने में सुविधा होती है. यह संपूर्ण शरीर का व्यायाम है.
योगमुद्रा आसन करने का प्रायोगिक विधि - योगमुद्रा आसन लगाने के लिए सर्वप्रथम पद्मासन की मुद्रा में बैठे. दोनों बांहों को मोड़ कर हाथों को पीठ के पीछे ले जाएं और हाथ से दूसरे हाथ की कलाई पकड़ ले और अपने दृष्टि को सामने की ओर सीधी रखें.
आपकी कमर, रीढ़, पीठ एवं गर्दन भी सीधी होनी चाहिए. लंबी सांस लें. आंखें बंद करके धीरे-धीरे रेचक करें (सांस बाहर निकालिए) पेट को पिचका कर सामने की ओर झुकिए, इतना झुकिए कि आपका सिर भूमि से सटे, फिर सांस रोके हुए इस मुद्रा में कुछ देर रहें.
लंबे समय तक योग मुद्रा आसन करने में सांस को रोकना आवश्यक नहीं है, किंतु इसकी गति-धीमी होनी चाहिए.
योगमुद्रा आसन में ध्यान - योगमुद्रा आसन संपूर्ण शारीरिक व्यायाम है. प्रत्येक पेशियां एवं अंग इस आसन के अभ्यास से स्वस्थ होते हैं लेकिन 'ध्यान' लगाने के लिए इस आसन का प्रयोग करने से मस्तिष्क की चेतन तिरंगे शक्तिशाली होती है. सिर की नाड़ियों में रक्त का गमन नियंत्रित होता है.
सिर (माथा) धरती पर लगाने से ललाट का ऊपरी हिस्सा धरती के समीप आता है इससे त्राटक बिंदु पर दबाव पड़ता है इस अवस्था से एकाग्रता प्राप्त करना आसान होता है.
योगमुद्रा आसन करने से लाभ - योगमुद्रा आसन में ध्यान लगाने से मंदाग्नि समाप्त होती है, बदहजमी दूर होती है. कोष्ठबध्दता समाप्त होती है. शरीर की पेशियां, नाड़िया, स्नायु आदि मजबूत, लचीले एवं स्वस्थ होते हैं इस आसन में मधुमेह एवं मोटापा दूर होता है.
इस आसन में 'ध्यान' लगाने से शरीर के प्रत्येक अंग की कांति, त्वचा की चमक, दृष्टि को शक्ति, बालों की बीमारियां आदि दूर होते है. इस आसन को करने से मानसिक एवं बौद्धिक लाभ असीमित है इन लाभों की प्राप्ति 'ध्यान' के अस्तर के अनुसार होती है.
योगमुद्रा करने से पहले कुछ सावधानियां - उत्तर दिशा की ओर मुंह करके आसन ना लगाएं. यह एक कठिन आसन है. इसके लिए सर्वप्रथम पद्मासन का अभ्यास करें. सिर (माथा) भूमि पर टिकाने में प्रारंभ में कठिनाई होती है. इस आसन को करने में जल्दी बाजी ना करें इस आसन को धीरे-धीरे करें और इस पर काबू पाएं, इस आसन को निरंतर अभ्यास से इसमें सफलता मिलेगी.
3.5 सेकंड से प्रारंभ करके इसे 15 मिनट तक किया जा सकता है, किंतु सामान्यतः 5 मिनट ही बहुत है इस आसन को करने के लिए.
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